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ताओ ते चिंग 1.3

हमेशा इच्छा रहित ही हमें रहना चाहिए, यदि इसके गहन रहस्य को समझना हो; किंतु यदि इच्छा सदा हमारे भीतर रहे, तो केवल इसकी बाहरी सीमा ही हम देख सकते हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: जेम्स लेग (1891)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर चिंतन करें

यह श्लोक आपके भीतर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने मार्ग का सम्मान करते हैं।

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