बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha स्थापित करें

ताओ ते चिंग 47.1

अपने द्वार से बाहर जाए बिना, वह आकाश के नीचे होने वाली सभी बातों को समझता है; अपनी खिड़की से बाहर देखे बिना, वह स्वर्ग के ताओ को देखता है। जो जितना अधिक अपने आप से बाहर जाता है, उतना ही कम जानता है।

अंग्रेजी अनुवाद: जेम्स लेगे (1891)। स्रोत

इस श्लोक पर आनंद के साथ विचार करें

यह श्लोक आपके भीतर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से खींचता है और आपके अपने मार्ग का सम्मान करता है।

हमारे साथ चलें

एक अंश, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी