(शिशु की) हड्डियां कमजोर और नसें नरम होती हैं, फिर भी उसकी पकड़ मजबूत होती है। वह अभी नर और मादा के मिलन को नहीं जानता, फिर भी उसका नर अंग उत्तेजित हो सकता है—इससे उसके भौतिक सार की पूर्णता दिखती है। पूरे दिन वह रो सकता है लेकिन उसका गला बैठता नहीं—इससे उसके संविधान में सामंजस्य दिखता है।