अंग्रेजी अनुवाद: जेम्स लेग (1891)। स्रोत
यह श्लोक आपके भीतर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से खींचता है और आपके अपने मार्ग का सम्मान करता है।
हमारे साथ चलें
एक पाठ, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ नहीं और, कभी नहीं।