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ताओ ते चिंग 35.2

संगीत और व्यंजन बीते हुए मेहमान को (कुछ समय के लिए) रोक लेंगे। लेकिन यद्यपि मुँह से निकली ताओ रीती-खीली और स्वादहीन लगती है, यद्यपि उसे देखने या सुनने के लायक नहीं लगता, उसका उपयोग अक्षय है।

अंग्रेजी अनुवाद: जेम्स लेग (1891)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके मन में क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने पथ को सम्मान देते हैं।

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