बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha इंस्टॉल करें

धम्मपद 8.1

यद्यपि एक भाषण हजार (शब्दों) का हो, किंतु निरर्थक शब्दों से बना हो, तो एक समझदारी भरा शब्द बेहतर है, जिसे यदि कोई सुनता है, तो वह शांत हो जाता है।

अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके भीतर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से प्रेरणा लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

हमारे साथ चलें

एक पाठ, एक प्रश्न, हर रविवार। और कुछ नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी