बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha को इंस्टॉल करें

धम्मपद 7.2

वे अपने विचारों को अच्छी तरह एकत्रित करके प्रस्थान करते हैं, वे अपने निवास में खुश नहीं हैं; जैसे हंस जो अपनी झील को छोड़ गए हैं, वे अपने घर और आवास को छोड़ देते हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मूलर (1881)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने पथ को सम्मान देते हैं।

हमारे साथ चलें

एक मार्ग, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ नहीं और कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी