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धम्मपद 6.9

यदि कोई व्यक्ति अपने लिए या दूसरों के लिए, न तो पुत्र की कामना करता है, न धन की, न शक्ति की, और यदि वह अन्यायपूर्ण साधनों से अपनी सफलता नहीं चाहता है, तो वह अच्छा, बुद्धिमान और सदाचारी है।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

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यह श्लोक आपके भीतर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से निकालते हैं और आपके अपने मार्ग का सम्मान करते हैं।

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