बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha इंस्टॉल करें

धम्मपद 6.4

जो धर्म में डूबा रहता है वह शांत मन से खुशी से जीता है: ऋषि सदा धर्म में, जैसा कि चुने हुए (आर्य) द्वारा सिखाया गया है, आनंदित होता है।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मूलर (1881)। स्रोत

इस श्लोक पर Ananda के साथ विचार करें

यह श्लोक आपमें क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से लाभ लेता है और आपके अपने मार्ग का सम्मान करता है।

हमारे साथ चलें

एक मार्ग, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ और नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी