अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत
यह श्लोक आपके अंदर क्या जागृत करता है? कोई भी प्रश्न पूछें — आनंद कई परंपराओं से ग्रहण करता है और आपके अपने पथ का सम्मान करता है।
हमारे साथ चलें
हर रविवार एक श्लोक, एक प्रश्न। कुछ और नहीं, कभी नहीं।