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धम्मपद 4.2

शिष्य पृथ्वी को, यम के लोक को, और देवताओं के लोक को जीत लेगा। शिष्य स्पष्ट रूप से दिखाए गए सद्गुण के मार्ग को खोज निकालेगा, जैसे एक चतुर व्यक्ति सही फूल को खोज निकालता है।

अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत

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यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने मार्ग को सम्मान देते हैं।

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