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धम्मपद 4.1

कौन इस पृथ्वी को, यम के लोक को (मृतकों के प्रभु), और देवताओं के लोक को जीतेगा? कौन सद्गुण के स्पष्ट रूप से प्रदर्शित पथ को खोज लेगा, जैसे एक चतुर मनुष्य सही फूल को खोज लेता है?

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

इस श्लोक पर आनंद के साथ चिंतन करें

यह श्लोक आपमें क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद अनेक परंपराओं से खींचते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

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