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धम्मपद 3.11

न माता, न पिता ऐसा करेंगे, और न ही कोई अन्य रिश्तेदार; एक सुनिर्देशित मन हमें अधिक सेवा करेगा।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

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यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनन्द कई परंपराओं से प्रेरणा लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

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