बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha को इंस्टॉल करें

धम्मपद 3.1

जैसे एक तीरंदाज अपने तीर को सीधा करता है, एक बुद्धिमान मनुष्य अपने काँपते और अस्थिर विचार को सीधा करता है, जिसकी रक्षा करना कठिन है, जिसे रोकना कठिन है।

अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत

Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपमें क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से निकालता है और आपके अपने मार्ग का सम्मान करता है।

हमारे साथ चलें

एक मार्ग, एक प्रश्न, हर रविवार। और कुछ नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी