बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha स्थापित करें

धम्मपद 26.20

जो ब्राह्मण यहीं अपने कष्ट का अंत जानता है, अपना बोझ उतार चुका है, और मुक्त है, उसे ही मैं सच में ब्राह्मण कहता हूँ।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके मन में क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने मार्ग का सम्मान करते हैं।

हमारे साथ चलें

एक अनुच्छेद, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ और नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी