बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha स्थापित करें

धम्मपद 25.16

और यह एक बुद्धिमान भिक्षु के लिए यहाँ शुरुआत है: इंद्रियों पर निगरानी, संतुष्टि, धर्म के अंतर्गत संयम; उच्च मित्रों को रखें जिनका जीवन शुद्ध है, और जो आलसी नहीं हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881). स्रोत

Ananda के साथ इस श्लोक पर चिंतन करें

यह श्लोक आपको क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से आकर आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

हमारे साथ चलें

एक मार्ग, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ और नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी