One Source Sangha को इंस्टॉल करें बेहतर अनुभव के लिए

धम्मपद 24.2

जिस किसी को यह तीव्र लालसा वश कर ले, जहर से भरी, इस संसार में, उसके दुःख बढ़ते हैं जैसे बिरना घास की प्रचुरता।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

इस श्लोक पर Ananda के साथ चिंतन करें

यह श्लोक आपके मन में क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने पथ को सम्मानित करते हैं।

हमारे साथ चलें

एक मार्ग, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ और नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी
```html ```