बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha को इंस्टॉल करें

धम्मपद 23.8

विचारशील न रहो, अपने विचारों को देखो! अपने आप को बुरे मार्ग से निकालो, जैसे एक हाथी कीचड़ में फंसा हुआ है।

अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत

Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से खींचता है और आपके अपने पथ को सम्मान देता है।

हमारे साथ चलें

एक अंश, एक प्रश्न, हर रविवार। और कुछ नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी