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धम्मपद 23.13

संसार में माता की अवस्था सुखद है, पिता की अवस्था सुखद है, एक साधु (समण) की अवस्था सुखद है, एक ब्रह्मण की अवस्था सुखद है।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

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