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धम्मपद 23.12

यदि अवसर आए तो मित्र प्रिय हैं; आनंद प्रिय है, कारण जो भी हो; मृत्यु के समय अच्छा काम प्रिय है; सभी दुःख का त्याग प्रिय है।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मूलर (1881)। स्रोत

इस श्लोक पर आनंद के साथ विचार करें

यह श्लोक आपमें क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके मार्ग का सम्मान करते हैं।

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