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धम्मपद 20.6

'सभी निर्मित चीजें दुःख और पीड़ा हैं,' जो कोई इसे जानता और देखता है वह पीड़ा में निष्क्रिय हो जाता है; यह वह मार्ग है जो पवित्रता की ओर ले जाता है।

अंग्रेज़ी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत

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यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से प्रेरणा लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

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