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धम्मपद 20.17

जो ज्ञानवान और सदाचारी व्यक्ति इसका अर्थ जानता है, उसे शीघ्र ही उस मार्ग को प्रशस्त करना चाहिए जो निर्वाण की ओर जाता है।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मूलर (1881)। स्रोत

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