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धम्मपद 2.4

यदि कोई परिश्रमी व्यक्ति जाग गया है, यदि वह विस्मृत नहीं है, यदि उसके कर्म शुद्ध हैं, यदि वह सोच-समझकर कार्य करता है, यदि वह स्वयं को संयमित रखता है, और कानून के अनुसार जीता है, तो उसकी महिमा बढ़ेगी।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

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यह श्लोक आपमें क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने मार्ग को सम्मान देते हैं।

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