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धम्मपद 2.1

तत्परता अमरता (निर्वाण) का मार्ग है, असावधानी मृत्यु का मार्ग है। जो तत्पर हैं वे नहीं मरते, जो असावधान हैं वे पहले से ही मृत हैं।

अंग्रेज़ी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत

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