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धम्मपद 18.3

तुम्हारा जीवन समाप्त हो गया है, तुम मृत्यु (यम) के निकट आ गए हो, तुम्हारे पास मार्ग पर विश्राम करने का कोई स्थान नहीं है, और तुम्हारे पास अपनी यात्रा के लिए कोई सामग्री नहीं है।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर चिंतन करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से खींचता है और आपके अपने मार्ग का सम्मान करता है।

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