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धम्मपद 14.7

निंदा न करना, प्रहार न करना, नियम के अंतर्गत संयमित रहना, भोजन में संतुलित रहना, अकेले सोना और बैठना, और सर्वोच्च विचारों पर ध्यान देना — यह जागृत की शिक्षा है।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके भीतर क्या जागृत करता है? कोई भी प्रश्न पूछें — आनंद कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

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