बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha इंस्टॉल करें

धम्मपद 13.5

आओ, इस चमकती हुई दुनिया को देखो, जो एक राजकीय रथ की तरह है; मूर्ख इसमें पूरी तरह डूबे हुए हैं, लेकिन बुद्धिमान इसे छूते नहीं हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से आधार लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

हमारे साथ चलें

एक अनुच्छेद, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ और नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी