बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha स्थापित करें

धम्मपद 12.9

बुराई स्वयं के द्वारा की जाती है, स्वयं ही कोई कष्ट भोगता है; बुराई स्वयं के द्वारा छोड़ी जाती है, स्वयं ही कोई शुद्ध होता है। शुद्धता और अशुद्धता स्वयं के हैं, कोई दूसरे को शुद्ध नहीं कर सकता।

अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत

Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपमें क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

हमारे साथ चलें

एक अंश, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ और नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी