बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha इंस्टॉल करें

धम्मपद 10.13

न नग्नता, न जटाएं, न मैल, न उपवास, न पृथ्वी पर लेटना, न धूल से मलना, न निश्चल बैठना, कोई भी नश्वर मनुष्य को शुद्ध कर सकता है जिसने इच्छाओं पर विजय प्राप्त नहीं की है।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके मन में क्या जागृत करता है? कोई भी प्रश्न पूछें — Ananda कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने मार्ग का सम्मान करते हैं।

हमारे साथ चलें

हर रविवार एक मार्ग, एक प्रश्न। कभी कुछ और नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी