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धम्मपद 1.6

संसार नहीं जानता कि हमें सभी को यहां अपना अंत लाना चाहिए;-- लेकिन जो इसे जानते हैं, उनके झगड़े तुरंत ही बंद हो जाते हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मूलर (1881)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपमें क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

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