One Source Sangha को इंस्टॉल करें बेहतर अनुभव के लिए

धम्मपद 1.12

जो सत्य को सत्य में और असत्य को असत्य में जानते हैं, वे सत्य तक पहुँचते हैं और सच्छी इच्छाओं का अनुसरण करते हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मूलर (1881)। स्रोत

Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से ज्ञान लेता है और आपके अपने मार्ग को सम्मान देता है।

हमारे साथ चलें

एक मार्ग, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ नहीं और कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी
```