मैं क्रतु हूँ; मैं यज्ञ हूँ; मैं पितरों को दिया गया प्रसाद हूँ; मैं औषधीय जड़ी-बूटियाँ और सभी पौधे हूँ; मैं मंत्र हूँ; मैं घी या पिघला हुआ मक्खन भी हूँ; मैं अग्नि हूँ; मैं आहुति हूँ।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्दों के अर्थ एक ही स्रोत से हैं। स्रोत
9.16 अहम् मैं? क्रतुः यज्ञ? अहम् मैं? यज्ञः यज्ञ? स्वधा पितरों को दिया गया प्रसाद? अहम् मैं? अहम् मैं? औषधम् औषधीय जड़ी-बूटियाँ और सभी पौधे? मन्त्रः पवित्र शब्द? अहम् मैं? अहम् मैं? एव भी? आज्यम् घी या शुद्ध मक्खन? अहम् मैं? अग्निः अग्नि? अहम् मैं? हुतम् आहुति।टिप्पणी क्रतु एक प्रकार का वैदिक यज्ञ है।यज्ञ स्मृति में निर्धारित पूजा है या पवित्र पुस्तकें जो कानून और आचार संहिता निर्धारित करती हैं।मैं मंत्र हूँ, वह मंत्र जिसके साथ पितरों या पूर्वजों को आहुति दी जाती है, और चमकदार प्राणी (देवता या देवता)।हुतम का अर्थ आहुति देने की क्रिया भी है।औषधम सभी पौधों में चावल और जौ सहित या वह दवा जो रोगों को ठीक कर सकती है। (cf.IV.24)
अनंद के साथ इस श्लोक पर विचार करें
यह श्लोक आपके मन में क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — अनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।
9.16 अहम् मैं? क्रतुः यज्ञ? अहम् मैं? यज्ञः यज्ञ? स्वधा पितरों को दिया गया प्रसाद? अहम् मैं? अहम् मैं? औषधम् औषधीय जड़ी-बूटियाँ और सभी पौधे? मन्त्रः पवित्र शब्द? अहम् मैं? अहम् मैं? एव भी? आज्यम् घी या शुद्ध मक्खन? अहम् मैं? अग्निः अग्नि? अहम् मैं? हुतम् आहुति।टिप्पणी क्रतु एक प्रकार का वैदिक यज्ञ है।यज्ञ स्मृति में निर्धारित पूजा है या पवित्र पुस्तकें जो कानून और आचार संहिता निर्धारित करती हैं।मैं मंत्र हूँ, वह मंत्र जिसके साथ पितरों या पूर्वजों को आहुति दी जाती है, और चमकदार प्राणी (देवता या देवता)।हुतम का अर्थ आहुति देने की क्रिया भी है।औषधम सभी पौधों में चावल और जौ सहित या वह दवा जो रोगों को ठीक कर सकती है। (cf.IV.24)