अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्द अर्थ एक ही स्रोत से हैं। स्रोत
यह श्लोक आपके भीतर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से सीखता है और आपके अपने मार्ग का सम्मान करता है।
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1.5 धृष्टकेतुः धृष्टकेतु? चेकितानः चेकितान? काशिराजः काशि का राजा? च और? वीर्यवान् शूरवीर? पुरुजित् पुरुजित्? कुन्तिभोजः कुन्तिभोज? च और? शैब्यः शिबि का पुत्र? च और? नरपुङ्गवः मनुष्यों में श्रेष्ठ।कोई टिप्पणी नहीं।