एक बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha इंस्टॉल करें

योग सूत्र 3.53

अतः उन वस्तुओं के बीच विवेक प्राप्त होता है जो प्रकृति में समान हैं, किंतु प्रकार, गुण या स्थिति के अंतर से विभेदित नहीं हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: चार्ल्स जॉनसन (1912) · नीचे दिए गए शब्दों के अर्थ एक ही स्रोत से हैं। स्रोत

यहाँ, जैसा कि पिछले सूत्र में भी है, हम इस सिद्धांत के समीप हैं कि क्रम, समय और स्थान के विभेद मन की रचनाएं हैं; वह त्रिमुख प्रिज्म जिसके माध्यम से वास्तविक वस्तु हमारे सामने विकृत और अपवर्तित दिखाई देती है। जब प्रिज्म हटाया जाता है, तो वस्तु अपनी प्राथमिक एकता में लौट आती है, अब मन द्वारा विभेदित नहीं, फिर भी उस उच्च आध्यात्मिक विवेक, प्रकाश की शक्ति से स्पष्ट रूप से ज्ञेय, जो मन से परे है।

आनंद के साथ इस सूत्र पर चिंतन करें

यह सूत्र आपके भीतर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद अनेक परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने पथ को सम्मान देते हैं।

हमारे साथ चलें

प्रत्येक रविवार एक पद्यांश, एक प्रश्न। कुछ और नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी