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ताओ ते चिंग 58.3

इसलिए ऋषि एक वर्ग की तरह है जो किसी को अपने कोणों से नहीं काटता; एक कोने की तरह जो किसी को अपनी तीक्ष्णता से चोट नहीं पहुंचाता। वह सीधा है, लेकिन अपने आप को कोई छूट नहीं देता; वह उज्ज्वल है, लेकिन चकाचौंध नहीं करता।

अंग्रेजी अनुवाद: जेम्स लेग (1891)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से खींचते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

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