One Source Sangha को स्थापित करें बेहतर अनुभव के लिए

ताओ ते चिंग 49.1

ऋषि का कोई अपना स्थिर मन नहीं है; वह जनता के मन को अपना मन बनाता है।

अंग्रेजी अनुवाद: जेम्स लेग (1891)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर ध्यान करें

यह श्लोक आपमें क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से खींचता है और आपके अपने पथ का सम्मान करता है।

🌐 English  ·  हिन्दी