ताओ ते चिंग 44.3
जो संतुष्ट है उसे शर्म का भय नहीं। जो रुकना जानता है उसे दोष नहीं। खतरे से मुक्त वह लंबे समय तक जीएगा।
अंग्रेजी अनुवाद: James Legge (1891)। स्रोत
Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें
यह श्लोक आपके मन में क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से प्रेरणा लेता है और आपके अपने मार्ग को सम्मानित करता है।