ताओ ते चिंग 34.3
इसलिए ऋषि इसी तरह अपनी महान उपलब्धियों को पूरा करने में सक्षम है। यह इसलिए है कि वह अपने आप को महान नहीं बनाता कि वह उन्हें पूरा कर सकता है।
अंग्रेजी अनुवाद: जेम्स लेगे (1891)। स्रोत
आनंद के साथ इस श्लोक पर चिंतन करें
यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से खींचते हैं और आपके अपने मार्ग को सम्मान देते हैं।