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ताओ ते चिंग 30.3

एक कुशल (सेनापति) एक निर्णायक प्रहार करता है और रुक जाता है। वह अपनी महारत को जारी रखकर पूरी करने का साहस नहीं करता। वह प्रहार करेगा, लेकिन इसके परिणामस्वरूप अहंकारी, आत्मप्रशंसक या घमंडी होने से सावधान रहेगा। वह इसे आवश्यकता के कारण करता है; वह महारत के लिए इच्छा से नहीं करता।

अंग्रेजी अनुवाद: जेम्स लेग (1891)। स्रोत

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यह श्लोक आपमें क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

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