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ताओ ते चिंग 29.2

चीजों का क्रम और प्रकृति ऐसी है कि जो आगे था वह अब पीछे है; जो गर्म था वह अब ठंडा लगता है। शक्ति अक्सर कमजोरी की बलि होती है; संग्रह हमारे परिश्रम का मजाक उड़ाते हुए खंडहर में बदल जाता है। इसलिए ऋषि अत्यधिक प्रयास, अपव्यय और आसान भोग को दूर रखता है।

अंग्रेजी अनुवाद: जेम्स लेग (1891)। स्रोत

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यह श्लोक आपमें क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से खींचते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

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