One Source Sangha को बेहतर अनुभव के लिए इंस्टॉल करें

ध्यान 9.31

सम्पूर्ण विश्व को अपने मन में समझना, और इस वर्तमान काल के सम्पूर्ण क्रम को अपने समक्ष प्रस्तुत करना, और प्रत्येक विशेष वस्तु के अचानक परिवर्तन पर अपने विचार को स्थिर करना। किसी भी वस्तु की उत्पत्ति से लेकर उसके विघटन तक का समय कितना संक्षिप्त है, लेकिन उत्पत्ति से पहले और उत्पत्ति के बाद जो रहेगा वह कितना विशाल और अनंत है। तुम जो कुछ भी देखते हो, वह शीघ्र ही नष्ट हो जाएगा, और जो उनके क्षरण को देखते हैं, वे स्वयं भी शीघ्र ही लुप्त हो जाएंगे। जो सौ वर्ष की आयु में मरता है, और जो कम उम्र में मरता है, दोनों एक ही अवस्था में आते हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: मेरिक कैसॉबॉन (1634)। स्रोत

Ananda के साथ इस अंश पर विचार करें

यह अंश आपके भीतर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से ज्ञान लेता है और आपके अपने पथ को सम्मानित करता है।

🌐 English  ·  हिन्दी