बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha इंस्टॉल करें

ध्यान 8.27

सभी निरर्थक कल्पनाओं को मिटा दो, और अपने आप से निरंतर कहो; अब यदि मैं चाहूँ, तो यह मेरी शक्ति में है कि मैं अपनी आत्मा को सभी दुष्टता, सभी वासना, और लालसा, सभी परेशानी और भ्रम से दूर रखूँ। लेकिन इसके विपरीत, सभी चीजों को उनकी सच्ची प्रकृति के अनुसार देखना और विचार करना, और सभी चीजों के साथ उनके सच्चे मूल्य के अनुसार व्यवहार करना। तब याद रखो यह शक्ति जो प्रकृति ने तुम्हें दी है।

अंग्रेजी अनुवाद: मेरिक कैसॉबॉन (1634)। स्रोत

इस अनुच्छेद पर Ananda के साथ चिंतन करें

यह अनुच्छेद आपमें क्या जागृत करता है? कोई भी प्रश्न पूछें — Ananda कई परंपराओं से खींचता है और आपके अपने मार्ग का सम्मान करता है।

🌐 English  ·  हिन्दी