बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha इंस्टॉल करें

धम्मपद 9.1

यदि कोई व्यक्ति अच्छाई की ओर तेजी से बढ़ना चाहता है, तो उसे अपने विचार को बुराई से दूर रखना चाहिए; यदि कोई व्यक्ति आलस के साथ अच्छे कार्य करता है, तो उसका मन बुराई में आनंद लेता है।

अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881). स्रोत

Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से खींचता है और आपके अपने मार्ग का सम्मान करता है।

🌐 English  ·  हिन्दी