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धम्मपद 4.11

फूलों की सुगंध हवा के विरुद्ध नहीं फैलती, न ही चंदन, तगर और मल्लिका फूलों की सुगंध; लेकिन अच्छे लोगों की गंध हवा के विरुद्ध भी फैलती है; एक अच्छा व्यक्ति हर जगह व्याप्त होता है।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मूलर (1881)। स्रोत

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यह श्लोक आपके भीतर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से निकालता है और आपके अपने मार्ग का सम्मान करता है।

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