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धम्मपद 26.24

जो अहिंसक को सहन करता है, दोष खोजने वालों के साथ कोमल है, और आवेगी लोगों में निष्काम है, उसे मैं वास्तव में ब्राह्मण कहता हूँ।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मूलर (1881)। स्रोत

आनंद के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से प्रेरणा लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

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