One Source Sangha को इंस्टॉल करें और बेहतर अनुभव पाएँ

धम्मपद 22.5

बुरी प्रतिष्ठा है और नरक का बुरा मार्ग है, भयभीत के भयभीत की गोद में क्षणिक सुख है, और राजा भारी दंड देता है; इसलिए कोई भी पुरुष अपने पड़ोसी की पत्नी के बारे में न सोचे।

अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत

इस श्लोक पर आनंद के साथ विचार करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से सीखता है और आपके मार्ग का सम्मान करता है।

🌐 English  ·  हिन्दी