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धम्मपद 21.7

गौतम (बुद्ध) के शिष्य सदैव जागरूक रहते हैं, और उनके विचार दिन और रात सदैव बुद्ध पर केंद्रित रहते हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मूलर (1881)। स्रोत

इस श्लोक पर आनंद के साथ चिंतन करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।

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