One Source Sangha को स्थापित करें और बेहतर अनुभव प्राप्त करें

धम्मपद 21.6

एक सच्चा ब्राह्मण निर्दोष रहता है, भले ही उसने पिता और माता दोनों को, दो पवित्र राजाओं को, और एक प्रख्यात पुरुष को भी मार दिया हो।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

इस श्लोक पर आनंद के साथ चिंतन करें

यह श्लोक आपके भीतर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने पथ को सम्मान देते हैं।

हमारे साथ चलें

एक अंश, एक प्रश्न, हर रविवार। बस इतना ही, हमेशा।

🌐 English  ·  हिन्दी