One Source Sangha को बेहतर अनुभव के लिए इंस्टॉल करें

धम्मपद 19.9

जो व्यक्ति सदा बुराई को शांत करता है, चाहे वह छोटी हो या बड़ी, उसे समण (शांत व्यक्ति) कहा जाता है, क्योंकि उसने सभी बुराइयों को शांत कर दिया है।

अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

इस श्लोक पर आनंद के साथ विचार करें

यह श्लोक आपके भीतर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके मार्ग का सम्मान करते हैं।

🌐 English  ·  हिन्दी