अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत
यह श्लोक आपके भीतर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से प्रेरणा लेता है और आपके अपने पथ का सम्मान करता है।